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करेंसी मार्केट में कोहराम! रुपया 64 पैसे टूटकर ऑल-टाइम लो पर पहुंचा, जानें कितने पर फिसला

 Published : Mar 20, 2026 08:52 pm IST,  Updated : Mar 20, 2026 08:52 pm IST

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया आज पहली बार 93 के पार निकल गया। विदेशी निवेश की लगातार निकासी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के प्रभाव से रुपये में गिरावट जारी है।

तकनीकी रूप से USD/INR में तेजी का रुख बना हुआ है।- India TV Hindi
तकनीकी रूप से USD/INR में तेजी का रुख बना हुआ है। Image Source : CANVA

भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 64 पैसे टूटकर 93.53 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। विदेशी फंड की लगातार निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के चलते रुपये पर दबाव बढ़ा, जो बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर माना जा रहा है। फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और निवेशकों के जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (रिस्क-एवर्जन) ने रुपये को कमजोर किया है। साथ ही, बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के कारण ऊर्जा लागत बढ़ रही है, जिससे व्यापार घाटा बढ़ने और महंगाई का दबाव बनने की आशंका है।

पिछले बंद स्तर से 64 पैसे कम

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.92 के स्तर पर खुला और पहली बार 93 के पार निकल गया। कारोबार के दौरान यह लगातार गिरता रहा और अंत में 93.53 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 64 पैसे कम है। इससे पहले बुधवार को भी रुपया 49 पैसे गिरकर 92.89 के अपने पिछले रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था। गुरुवार को गुड़ी पड़वा के कारण फॉरेक्स बाजार बंद रहे। दिलीप परमार, सीनियर रिसर्च एनालिस्ट, एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने कहा कि विदेशी निवेश की लगातार निकासी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के “डबल झटके” के कारण रुपये में गिरावट जारी है। उन्होंने बताया कि तकनीकी रूप से USD/INR में तेजी का रुख बना हुआ है और यह 93.75 के स्तर तक जा सकता है, जबकि 92.90 पर सपोर्ट दिख रहा है।

वैश्विक स्तर पर महंगाई का खतरा

इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.37 प्रतिशत बढ़कर 99.60 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 108.62 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा। फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि ईरान से जुड़े जारी संघर्ष के तीसरे सप्ताह में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ईरान और ओमान के बीच स्थित अहम जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का खतरा बढ़ गया है।

भारतीय बाजार में कुछ सुधार

घरेलू शेयर बाजार में हालांकि कुछ सुधार देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 325.72 अंक (0.44%) बढ़कर 74,532.96 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 112.35 अंक (0.49%) चढ़कर 23,114.50 पर पहुंच गया। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को 5,518.39 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार 13 मार्च को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.052 अरब डॉलर घटकर 709.759 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले के सप्ताह में भी भंडार 11.683 अरब डॉलर घटा था, जबकि 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में यह 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचा था।

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